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Holi Ke Rang Ghar Par Kaise Banaye

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Holi Ke Rang Ghar Par Kaise Banaye  (होली रंग कैसे बनाये) हेलो दोस्तों आप सभी लोग होली की तैयारी में लगें होंगे और होली की तैयारियों में कोई कमी रह जाए, हर  कोई बस इसी कोशिश में जुटा है।  क्या बच्चे, क्या युवा और क्या बुजुर्ग, होली आते ही सब पर चढ़ जाता है फाग का रंग वैसे तो बाज़ारो में कई तरह के हर्बल रंग मिल रहे है, How to make holi colours  फिर भी आप घर पर ही प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और फूल- पतियों  को मिलाकर रंग तैयार कर सकते हैं. neela rang kaise banaye 1. नीला रंग बनाये गुढहक से नीले  रंग के लिए नील के पौधों पर निकलने वाली फलियों को पीस ले  और पानी में उबालकर मिला लें | इसी तरह नीले गुड़हल के फूलों को सुखाकर पीसने  से  भी आप नीला रंग तैयार कर सकते हैं. Sukhe rang kaise banaye 2. ऐसे बनाएं होली के सूखे रंग  होली के लिए सूखे हर्बल रंगो का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो चावल का आटा लेकर इसमें अपनी पसंद खाने का रंग और दो चम्मच पानी डालकर मिक्स कर लें. इसको धुप में सूखने दें और  बाद में पीस लें. होली के लिए हर्...

Happy Holi 2020

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इतिहास होली भारत का अत्यंत प्राचीन पर्व है जो होली, होलिका या होलाका   नाम से मनाया जाता था। वसंत की ऋतु में हर्षोल्लास के साथ मनाए जाने के कारण इसे और काम-त्योहार भी कहा गया है।     राधा-श्याम गोपाल और गोपियों की होली इतिहासकारों का मानना ​​है कि आर्यों में भी इस पर्व का प्रचलन था लेकिन ज्यादातर यह पूर्वी भारत में ही मनाया जाता था। इस त्योहार का वर्णन कई पुरातन धार्मिक पुस्तकों में मिलता है। इनमें से प्रमुख हैं, जैमिनी के पूर्व मीमांसा-सूत्र और कथा गार्ह्य-सूत्र। नारद पुराण औद भविष्य पुराण जैसे पुराणों की प्राचीन हस्तलिपियों और ग्रंथों में भी इस पर्व का उल्लेख मिलता है। विंध्य क्षेत्र के रामगढ़ स्थान पर स्थित ईसा से ३०० वर्ष पुराने एक अभिलेख में भी इसका उल्लेख किया गया है। संस्कृत साहित्य में वसन्त ऋतु और वसन्तोत्सव अनेक कवियों के प्रिय विषय रहे हैं।                 सुप्रसिद्ध मुस्लिम पर्यटक अलबरूनी ने भी अपनी ऐतिहासिक यात्रा संस्मरण में होलिकोत्सव का वर्णन किया है। भारत के कई मुस्लिम कवियों ने अपनी रचनाओं म...