Happy Holi 2020
इतिहास होली भारत का अत्यंत प्राचीन पर्व है जो होली, होलिका या होलाका नाम से मनाया जाता था। वसंत की ऋतु में हर्षोल्लास के साथ मनाए जाने के कारण इसे और काम-त्योहार भी कहा गया है। राधा-श्याम गोपाल और गोपियों की होली इतिहासकारों का मानना है कि आर्यों में भी इस पर्व का प्रचलन था लेकिन ज्यादातर यह पूर्वी भारत में ही मनाया जाता था। इस त्योहार का वर्णन कई पुरातन धार्मिक पुस्तकों में मिलता है। इनमें से प्रमुख हैं, जैमिनी के पूर्व मीमांसा-सूत्र और कथा गार्ह्य-सूत्र। नारद पुराण औद भविष्य पुराण जैसे पुराणों की प्राचीन हस्तलिपियों और ग्रंथों में भी इस पर्व का उल्लेख मिलता है। विंध्य क्षेत्र के रामगढ़ स्थान पर स्थित ईसा से ३०० वर्ष पुराने एक अभिलेख में भी इसका उल्लेख किया गया है। संस्कृत साहित्य में वसन्त ऋतु और वसन्तोत्सव अनेक कवियों के प्रिय विषय रहे हैं। सुप्रसिद्ध मुस्लिम पर्यटक अलबरूनी ने भी अपनी ऐतिहासिक यात्रा संस्मरण में होलिकोत्सव का वर्णन किया है। भारत के कई मुस्लिम कवियों ने अपनी रचनाओं म...